Chapter – 10

Jump to Section

SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
आगच्छ ! त्वम् अपि मया सह गृहं चल ।आओ ! तुम भी मेरे साथ घर चलो ।

सः सदा नगरं गच्छति पुस्तकं च आनयति ।वह हमेशा शहर जाता है और पुस्तक लाता है ।

सः अद्य आगमिष्यति वस्त्रं च नेष्यति ।वह आज आएगा और कपड़ा ले जाएगा ।

कदा सः मसीपत्रं पुस्तकं च तत्र नेष्यति ।वह दवात और पुस्तक वहाँ कब ले जाएगा ।

अहं गृहं गमिष्यामि सूपं च भक्षयिष्यामि ।मैं घर जाऊँगा और दाल खाऊँगा ।

ईश्वरः सर्वत्र अस्ति ।ईश्वर सब स्थान पर है ।

हे ईश्वर ! दयां कुरू ।हे ईश्वर ! दया करो ।

सः रात्रौ दीपेन पुस्तकं पठति ।वह रात्रि में दिए से पुस्तक पढ़ता है ।

ईश्वरेण धनं दत्तम् ।ईश्वर ने धन दिया ।

मनुष्याय ज्ञानं देहि ।मनुष्य को ज्ञान दे ।

पुस्तके ज्ञानम् अस्ति ।किताब में ज्ञान है ।

त्वं गृहं गच्छ, धोतं वस्त्रं च आनय ।तू घर जा और धोया हुआ वस्त्र ले जा ।

अत्र आगच्छ मधुरं च फलं भक्षय ।यहाँ आ और मीठा फल खा ।

एक रूप्यकं देहि ।एक रुपया दे ।

Share this post

Share on facebook
Share on google
Share on twitter
Share on linkedin

Related Posts

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top