Chapter – 3

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SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
अहं मुद्गौदनं भक्षयिष्यामि ।मैं खिचड़ी खाऊँगा ।

त्वम् आम्रं भक्षयिष्यसि ।तू आम खाएगा ।

सः रात्रौ कुत्र-कुत्र न गमिष्यति ?वह रात्रि में कहाँ-कहाँ नहीं जाएगा ?

सः सायम् उद्यानं न गच्छति ।वह शाम को बाग नहीं जाता ।

यथा त्वं न गच्छसि तथा सः न गच्छति ।जैसे तू नहीं जाता वैसे वह नहीं जाता ।

यत्र-यत्र त्वं गमिष्यसि, तत्र-तत्र सः न गमिष्यति ।जहाँ-जहाँ तू जाएगा, वहाँ-वहाँ वह नहीं जाएगा ।

अहं रात्रौ नगरं न गच्छामि ।मैं रात्रि को शहर नहीं जाता ।

यदि त्वं गमिष्यसि तदा अहं गमिष्यसि तदा अहं गमिष्यामि ।जब तू जाएगा तब मैं जाऊंगा ।

त्वं यत्र रात्रौ गच्छसि ।जहाँ तू रात्रि में जाता है ।

तत्र अहं दिवा गच्छामि ।वहाँ मैं दिन में जाता हूँ ।

ग्रामे ग्रामे उद्यानं भवतिप्रत्येक गाँव में बाग होता है

वने वने वृक्षः भवति ।हर बन में वृक्ष होता है ।

अश्वस्य पालनं कुरु ।

घोड़े का पालन करो ।

मया शास्त्रं न पठितम् ।मैंने शास्त्र नहीं पढ़ा ।

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