Chapter – 5

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SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
छात्रैः परिश्रमेण पठितव्यम् ।छात्रों को परिश्रम से पढ़ना चाहिए ।

अस्माभिः सदा चरित्रं रक्षणीयम् ।हमें सदा चरित्र की रक्षा करनी चाहिए ।

विद्यया लभते ज्ञानम् ।विद्या से ज्ञान की प्राप्ति होती है ।

सत्यभाषणं पुण्यं वर्तते ।सच बोलना पुण्य है ।

कविषु कालिदासः श्रेष्ठः अस्ति ।कवियों में कालिदास श्रेष्ठ हैं ।

हिमालयपर्वतात् गंगा निःसरति ।हिमालय पहाड़ से गंगा निकलती है ।

चाणक्यः अर्थशास्त्रस्य विद्वान् आसीत् ।चाणक्य अर्थशास्त्र के विद्वान थे ।
मह्यं संस्कृतं रोचते ।मुझे संस्कृत अच्छी लगती है ।

ऋतूनां राजा वसन्तः अस्ति ।ऋतुओं का राजा वसन्त है ।
गंगायाः जलं पवित्रम् अस्ति ।गंगा का जल पवित्र है ।
कालिदासः संस्कृतस्य कविः अस्ति ।कालिदास संस्कृत के कवि हैं ।

वृक्षात् पत्रं पतति ।

वृक्ष से पत्ता गिरता है ।

भारतस्य दक्षिणस्यां दिशि हिन्द महासागरः अस्ति ।भारत के दक्षिण दिशा में हिन्द महासागर है ।

तेन सह अधिकांश जनाः सन्ति ।उनके साथ अधिकांश लोग हैं ।

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