Chapter – 14

Share on facebook
Facebook
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on twitter
Twitter
Share on pinterest
Pinterest
SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
कर्मणा सफलता मिलती ।कर्म से सफलता मिलती है ।

आलस्यं त्यक्त्वा कार्यं कुरु ।आलस्य छोड़कर काम करो ।

कविषु कालिदासः मुकुटमणिः अस्ति ।कवियों में कालिदास मुकुट मणि है ।

संस्कृत भाषा अति मधुरा एवं प्राचीनं अस्ति ।संस्कृत भाषा बड़ी मधुर एवं पुरानी है ।

नहि संतोषात् समं सुखम् ।संतोष के समक्ष कोई सुख नहीं है ।

यः पठति स एव सफलः भवति ।जो पढ़ता है वही सफल होता हैं ।

परिश्रमेण विना विद्या नायाति ।परिश्रम के बिना विद्या नहीं आती है ।

सर्वेषां मनुष्याणां विद्यैव आभूषणं अस्ति ।सभी मनुष्यों का आभूषण विद्या ही है ।

सदाचारः मनुष्याणां महत्तां बर्धते ।सदाचार मनुष्यों को महत्ता देता है ।

जनकः जनकपुरस्य राजा आसीत् ।जनक जनकपुर के राजा थे ।

सरोवरे मत्स्याः तरन्ति ।सरोवर में मछलियाँ तैरती हैं ।

गोषु कपिला प्रचुरं दुग्धं ददाति ।गायों में कपिला बहुत दूध देती है ।

सीतया सह लक्ष्मणः अपि वनं जगाम ।सीता के साथ लक्ष्मण भी जंगल गए ।

दस्युभ्यः सर्वे जनाः बिभ्यति ।डाकुओं से सभी लोग डरते हैं ।

Share this post

Share on facebook
Share on google
Share on twitter
Share on linkedin
Scroll to Top