Chapter – 15

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SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
जटाभिस्तापसः ते प्रतीयन्ते ।जटाओं से लोग तपस्वी मालूम पड़ते हैं ।

मोहनः चौरात् विभेति ।मोहन चोर से डरता है ।

काशी हिन्दुजनानां प्राचीनं पवित्रं तीर्थस्थानं अस्ति ।काशी हिन्दुओं का पवित्र तीर्थ स्थान है ।

महात्मा गाँधी भारतस्य नेतृणां नेतृत्वं कृतवान् ।महात्मा गाँधी ने भारत के नेताओं का नेतृत्व किया था ।

कालिदासस्य काव्येषु उपमायाः प्रधानता अस्ति ।कालिदास के काव्यों में उपमा की प्रधानता है ।

मोहनः नेत्रेण काणः अस्ति ।

मोहन आँख का काना है ।

धावतः अश्वात् सः अपतत् ।दौड़ते हुए घोड़े से वह गिर गया ।

वाराणस्याः विश्वनाथ-मन्दिरं प्राचीनं अस्ति ।वाराणसी का विश्वनाथ मन्दिर प्राचीन है ।

गुरुणा सह शिष्यः पठति ।गुरु के साथ शिष्य पढ़ता है ।

सूर्ये उदिते कमलं प्रस्फुटति ।सूर्य के उदय होने पर कमल खिलता है ।

भारतस्य जनाः शान्तिप्रियाः भवन्ति ।भारत के लोग शान्तिप्रिय होते है ।

अधुना धनस्य महत्त्वं अधिक अस्ति ।आजकल धन का बहुत महत्त्व है ।

अपरेषाम् उपकारं करणीयम् ।दूसरों की भलाई करनी चाहिए ।

ज्ञानेन हीनः मनुष्यः पशुभिः सदृशः भवति ।ज्ञानहीन मनुष्य पशु के समान होता है ।

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