Chapter -18

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SANSKRIT SENTENCESHINDI TRANSLATION
नहि नहि, अहम् आंग्लभाषां वक्तुं शक्नोमि ।नहीं नहीं, मैं अंग्रेजी बोल सकता हूँ ।

सत्यं प्रियं च वद ।सत्य और प्रिय बोल ।

सर्वः जनः अन्नं भक्षयति ।सब लोग अन्न को खाते हैं ।

सर्वस्मिन् ग्रन्थे धर्मः प्रतिपादितः ।सारे ग्रन्थ में धर्म का प्रतिपादन किया है ।

भो शिष्य ! उत्तिष्ठ, आलस्यं न कुरु ।हे शिष्य ! उठ, आलस न कर ।

अहम् इदानीं संस्कृतं पठितुम् आरभे ।मैं अब संस्कृत पढ़ना प्रारंभ करता हूँ ।

त्वम् इदानीं कुशलः असि किम् ।तू अब कुशलपूर्वक है क्या ?

सः हस्तौ पादौ च प्रक्षालयति ।वह हाथ और पाँव धोता है ।

प्रथमं हस्तौ पादौ च प्रक्षालय ।पहले हाथ-पैर धो ।

जडः न पठति ।मूर्ख नहीं पढ़ता ।

हे ईश्वर ! मां पाहि ।हे परमात्मन् ! मेरी रक्षा कर ।

मम धनं तेन हृतम् ।मेरा धन उसने चुरा लिया है ।

मयि पातकं नास्ति ।मुझमें पाप नहीं है ।

ईश्वरः सर्वत्र अस्ति ।ईश्वर सब जगह है ।

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