Sanskrit Translation Chapter – 5

1. छात्रैः परिश्रमेण पठितव्यम् ।

हिन्दी वाक्य

छात्रों को परिश्रम से पढ़ना चाहिए ।

2. अस्माभिः सदा चरित्रं रक्षणीयम् ।

हिन्दी वाक्य

हमें सदा चरित्र की रक्षा करनी चाहिए ।

3. विद्यया लभते ज्ञानम् ।

हिन्दी वाक्य

विद्या से ज्ञान की प्राप्ति होती है ।

4. सत्यभाषणं पुण्यं वर्तते ।

हिन्दी वाक्य

सच बोलना पुण्य है ।

5. कविषु कालिदासः श्रेष्ठः अस्ति ।

हिन्दी वाक्य

कवियों में कालिदास श्रेष्ठ हैं ।

6. हिमालयपर्वतात् गंगा निःसरति ।

हिन्दी वाक्य

हिमालय पहाड़ से गंगा निकलती है ।

7. चाणक्यः अर्थशास्त्रस्य विद्वान् आसीत् ।

हिन्दी वाक्य

चाणक्य अर्थशास्त्र के विद्वान थे ।

8. मह्यं संस्कृतं रोचते ।

हिन्दी वाक्य

मुझे संस्कृत अच्छी लगती है ।

9. ऋतूनां राजा वसन्तः अस्ति ।

हिन्दी वाक्य

ऋतुओं का राजा वसन्त है ।

10. गंगायाः जलं पवित्रम् अस्ति ।

हिन्दी वाक्य

गंगा का जल पवित्र है ।

11. कालिदासः संस्कृतस्य कविः अस्ति ।

हिन्दी वाक्य

कालिदास संस्कृत के कवि हैं ।

12. वृक्षात् पत्रं पतति ।

हिन्दी वाक्य

वृक्ष से पत्ता गिरता है ।

13. भारतस्य दक्षिणस्यां दिशि हिन्द महासागरः अस्ति ।

हिन्दी वाक्य

भारत के दक्षिण दिशा में हिन्द महासागर है ।

14. तेन सह अधिकांश जनाः सन्ति ।

हिन्दी वाक्य

उनके साथ अधिकांश लोग हैं ।